The Unexpected gains Diaries
ओम नमो आदेश गुरु का। गिरह-बाज नटनी का जाया, चलती बेर कबूतर खाया, पीवे दारू खाय जो मांस, रोग-दोष को लावे पांस। कहां-कहां से लावेगा ? गुदगुद में सुद्रावेगा, बोटी-बोटी में से लावेगा, चाम-चाम में से लावेगा, नौ नाड़ी बहत्तर कोठा में से लावेगा, मार-मार बंदी कर लावेगा। न लावेगा तो अपनी माता की सेज पर पग रखेगा। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा।
उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें।
शाबर मंत्रों का उपयोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। इनमें कुछ प्रमुख लाभ हैं।
अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें।
श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम
शाबर मंत्र को सिद्ध करते समय इन नियमों का पालन करें
पतने पानी करे। गुआ करे। याने करे। सुते करे।
जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।
ऐसे भी कई मंत्र होते हैं जिनमें किसी बाधा को दूर करने की क्षमता होता है तो उन्हें जपने से वे बाधाएं दूर हो जाती है। 'मंत्र साधना' भौतिक बाधाओं का आध्यात्मिक उपचार है। यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या या बाधा है तो उस समस्या को मंत्र जप के माध्यम से हल कर सकते हैं।
मृत्युंजय हवन, गणेश हवन, नवग्रह शांति... इत्यादि
शाबर मंत्र भारत की प्राचीन तांत्रिक परंपरा का हिस्सा हैं। ये अपनी सहजता और प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। इन मंत्रों का उपयोग व्यक्ति के भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। ये मंत्र हनुमान जी की कृपा से सिद्ध माने जाते हैं और इनका सही जाप करने से वशीकरण, शत्रु निवारण, रोग मुक्ति और आत्मशुद्धि read more जैसी सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। इन मंत्रों को गुप्त रखना जरूरी है। आइए इस लेख में शाबर मंत्र के नियम, महत्व और विधि के बारे में विस्तार से जानते हैं।
सामग्री का चयन और उपयोग:- मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें।
हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।
साधना के लिए एकांत और शुद्ध स्थान का उपयोग करें।